दिव्य अमृत धारा › 📿 नाम, विश्वास और भक्ति
प्रैक्टिकल भक्ति
क्या केवल मीठा बोलना भी भक्ति बन सकता है?
हर व्यक्ति से प्रेम, नम्रता और मधुर वाणी से मिलना सीख लें, तो साधारण जीवन ही भक्ति बन जाता है। घर, दफ़्तर और रिश्तों में जीने लायक सत्संग।
इसके बाद सुनें: नाम, विश्वास और भक्ति
रोज़ साथ बैठकर ध्यान करें
हर सुबह अमृत वेला में साधक Zoom पर एक साथ नाम जाप और ध्यान करते हैं। यह भी निःशुल्क है। समय और link