धनतेरस 2026: महत्व, पूजन विधि, यम दीपक, मंत्र और शुभकामना संदेश
जय सच्चिदानंद जी, शुभ धनतेरस 🙏
इस वर्ष धनतेरस 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को है।
🌟 धनतेरस का महत्व
धनतेरस कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को मनाया जाता है। इसी दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इसे धन्वंतरि जयंती भी कहते हैं।
धन का अर्थ केवल सोना-चांदी नहीं, धन = स्वास्थ्य, ज्ञान, संतोष और समृद्धि है। इसलिए इस दिन धन के साथ-साथ आरोग्य की भी पूजा होती है।
🪔 धनतेरस पूजन विधि
- सुबह: स्नान कर घर की सफाई करें, मुख्य द्वार पर रंगोली और दीपक लगाएं।
- खरीदारी: सोना, चांदी, पीतल का बर्तन, झाड़ू, धनिया के बीज खरीदना शुभ माना जाता है। झाड़ू माँ लक्ष्मी का प्रतीक है।
- संध्या पूजन: प्रदोष काल में भगवान धन्वंतरि, माँ लक्ष्मी और कुबेर जी का पूजन करें।
- सामग्री: गंगाजल, रोली, अक्षत, फूल, मिठाई, धूप-दीप, नैवेद्य।
- मंत्र: ॐ धन्वंतरये नमः और ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः का 11 या 108 बार जाप करें।
- यम दीपक: रात को घर के बाहर दक्षिण दिशा में एक सरसों के तेल का दीपक यमराज के नाम से जलाएं। यह अकाल मृत्यु और भय से रक्षा का प्रतीक है।
💰 धनतेरस पूजन के लाभ
- घर में धन-धान्य और बरकत आती है
- स्वास्थ्य अच्छा रहता है, रोग दूर होते हैं
- व्यापार में वृद्धि और नई शुरुआत में सफलता मिलती है
- नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, सकारात्मकता आती है
💌 धनतेरस शुभकामना संदेश
शुभ धनतेरस!
माँ लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की कृपा से आपके जीवन में धन, स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि सदा बनी रहे। आपका घर खुशियों से भरा रहे, व्यापार में उन्नति हो और हर मनोकामना पूर्ण हो।
🙏💐 🌸 Self Awakening Mission Trust by Sanjiv Malik 🛕🪷