दिव्य अमृत धारा › ✨ परमहंसों की लीला
श्री तृतीय पातशाही जी (भाग 2)
क्या साधारण जीवन जीते हुए भी कोई भीतर से पूर्ण परमात्मा से जुड़ा रह सकता है?
श्री तृतीय पातशाही जी का जीवन, जो साधारण लगकर भी अत्यंत चमत्कारी है: गृहस्थ में रहते हुए भीतर से जुड़े रहने की सीख।
इसके बाद सुनें: परमहंसों की लीला
रोज़ साथ बैठकर ध्यान करें
हर सुबह अमृत वेला में साधक Zoom पर एक साथ नाम जाप और ध्यान करते हैं। यह भी निःशुल्क है। समय और link