नारी सशक्तिकरण केंद्र, बहादुरपुर में नवरात्रि उत्सव का दिव्य समापन
दिनांक: 19 अक्टूबर 2026
स्थान: नारी सशक्तिकरण केंद्र, बहादुरपुर
प्रेम भरी जय सच्चिदानंद जी 🙏🌷🙏
श्री गुरुमहाराज जी की असीम कृपा एवं संजीव सर के आशीर्वाद से आज दिनांक 19 अक्टूबर 2026 को बहादुरपुर स्थित नारी सशक्तिकरण केंद्र में नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव का समापन समारोह अत्यंत हर्षोल्लास, श्रद्धा, भक्ति एवं समर्पण भाव के साथ मनाया गया।
इस पावन अवसर पर श्री गुरुमहाराज जी के स्वरूप को माँ दुर्गा के दिव्य स्वरूप में सजाया गया। लाल चुनरी से सुसज्जित गुरुमहाराज जी के दिव्य स्वरूप के दर्शन करते हुए संपूर्ण वातावरण प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा। सभी महिलाओं के चेहरों पर प्रसन्नता, श्रद्धा और गुरुभक्ति का अद्भुत भाव दिखाई दे रहा था।
🌼 सोहम साधना एवं आत्मसमर्पण का दिव्य अनुभव
कार्यक्रम के दौरान सभी महिलाओं ने भावपूर्ण होकर सोहम साधना की। अपनी श्वासों के साथ ‘सोऽहम’ का अभ्यास करते हुए उन्होंने गहन शांति, प्रेम और आत्मिक जुड़ाव का अनुभव किया। साधना के दौरान अनेक महिलाओं ने यह भाव अनुभव किया कि श्री गुरुमहाराज जी की चेतना ही उनके भीतर विद्यमान है और गुरु एवं आत्मा का संबंध प्रेम, एकत्व एवं समर्पण का संबंध है।
सभी ने अपने अंतर्मन में गुरुमहाराज जी के प्रति सर्वस्व समर्पित करने का भाव व्यक्त किया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो गुरुकृपा से पूरा वातावरण स्वयं ही भक्ति और प्रेम में डूब गया हो। नौ दिनों तक चले इस पावन उत्सव का समापन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अंतर्मन में जागृत होती आध्यात्मिक चेतना, गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा और आत्मिक एकत्व का सुंदर उत्सव बन गया।
💃 भक्ति, आनंद एवं नृत्य का उत्सव
सोहम साधना के पश्चात सभी महिलाओं ने डांडिया एवं अन्य नृत्यों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्ति और आनंद से परिपूर्ण इन नृत्यों ने पूरे केंद्र को उल्लास से भर दिया। हर ओर प्रसन्नता, प्रेम और उत्सव का वातावरण छा गया।
यह दृश्य अत्यंत मनोहारी था, जहाँ महिलाएँ अपनी दिनचर्या और सांसारिक चिंताओं से ऊपर उठकर गुरुचरणों में भक्ति, आनंद और समर्पण के भाव में लीन दिखाई दीं। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब जीवन में भक्ति, साधना और प्रेम का समावेश होता है, तब साधारण क्षण भी दिव्य अनुभूति में परिवर्तित हो जाते हैं।
🙏 प्रार्थना एवं मंगलकामना
श्री गुरुमहाराज जी के श्रीचरणों में यही प्रार्थना है कि सभी महिलाओं के हृदय में इसी प्रकार गुरुभक्ति, प्रेम, श्रद्धा और समर्पण का भाव निरंतर बढ़ता रहे। उनके भीतर आध्यात्मिक चेतना जागृत हो तथा वे अपने आध्यात्मिक जीवन, सांसारिक दायित्वों और मातृत्व के प्रेम के वास्तविक महत्व को समझते हुए अपने परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों में प्रेम, करुणा, संस्कार एवं सद्भाव का प्रकाश फैलाएँ।
गुरुकृपा से प्रत्येक महिला स्वयं को पहचान सके, अपने भीतर विद्यमान दिव्य चेतना से जुड़ सके और अपने जीवन को सेवा, साधना एवं प्रेम के माध्यम से सार्थक बना सके।
श्री गुरुमहाराज जी की असीम कृपा सभी पर बनी रहे।
ॐ श्री परमहंसाय नमः 🙏🌺🙏
बहुत-बहुत धन्यवाद।