Self Awakening Missionआत्म जागृति मिशन खोजें
भक्ति

Brahmand Ko Dhanyawad Kaise Karey?

21 सितंबर 20231 मिनट में पढ़ें

ब्रह्मांड को धन्यवाद करने के लिए हृदय में कृतज्ञता का भाव होना चाहिए। हृदय से भाव ही परमात्मा को समर्पित होता है। प्रेम और समर्पण होना चाहिए और हृदय से प्रार्थना पूर्वक अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें। प्रेम पूर्वक जब सिर्फ आंसू निकलते है तो प्रार्थना निःशब्द हो जाती है। और यही सबसे अच्छा तरीका है परमात्मा को धन्यवाद करने का।

इसके अलावा और कई तरीके हैं ब्रह्मांड को धन्यवाद करने का जैसे ब्रह्ममुहुर्त में उठ कर दोनो हाथ जोड़कर दिल से परमात्मा को इस जीवन के लिए, और इस जीवन में मिली सभी चीजों के लिए धन्यवाद करें। अपने रिश्तों के प्रति, हर सुख और दुख के लिए धन्यवाद करें। संसार की सेवा करके भी परमात्मा को धन्यवाद किया जा सकता है। दान करके परमात्मा की चीज परमात्मा को अर्पित करना चाहिए। सांसारिक सुखों के लिए , प्रेम के लिए, धन के लिए, पद, मान, सम्मान के लिए, हर चीज के लिए धन्यवाद करना चाहिए।

जो नही मिला उसके लिए भी धन्यवाद करें कि जरूर कोई कारण होगा अतः उसके लिए भी शुक्रिया करें। परमात्मा है पल हमारे साथ होते हैं और हमारी रक्षा करते हैं, अतः उसके लिए भी धन्यवाद करें। हर सांस के लिए धन्यवाद करें, परमात्मा ने हमे इतना कुछ दिया है कि हमारा हर पल शुकराना में गुजरना चाहिए।

भक्ति में और पढ़ें

सारे लेख

Satguru ki kripa aur Naam Jaap

🙏🏻 ॐ श्री परमहंसाय नमः🙏🏻 ✨ ॥ सतगुरु की कृपा और नाम-जप ॥ ✨ 🌿🍁सतगुरु की कृपा जीवन

11 अक्टूबर 20262 मिनट

श्री सच्चिदानंद धाम में शताब्दी जन्मोत्सव: नवीन मंदिर, 500-सीटर Meditation Hall और गौशाला का उद्घाटन

चांदपुर गाँव, 19–20 सितंबर 2026: श्री सच्चिदानंद धाम में श्री परमहंस सद्गुरु देव दाता दीनदयाल जी महाराज के 100वें जन्म दिवस के अवसर पर दो दिवसीय शताब्दी समारोह आयोजित किया गया। देश-विदेश के विभिन्न स्थानों से आए लगभग…

11 अक्टूबर 20265 मिनट

शारदीय नवरात्रि 2026: तिथियां, घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व

ॐ श्री परमहंसाय नमः जय माता दी शारदीय नवरात्रि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का एक प्रमुख पर्व है, जिसमें नौ दिनों तक माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। यह समय केवल पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन,…

11 अक्टूबर 20263 मिनट