Self Awakening Missionआत्म जागृति मिशन खोजें
जीवन

Jab Dhyan Mein Mrityu Ho Tho Kya Hoga ?

6 मार्च 20242 मिनट में पढ़ें
https://www.youtube.com/live/vngpJDxvq-Y?si=g3UDPtzmWdTAJRL1

ध्यान में मृत्यु होगा तो अच्छा ही होगा, जीव का हमेशा के लिए कल्याण होगा। जनम जनम से परमात्मा से बिछड़ा, दुःखी जीव जन्म मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाएगा।

लेकिन ऐसा होता नहीं है, उसके लिए कर्मों का खाता बिल्कुल क्लियर होना चाहिए।

योगी तपस्वी लोग ऐसे मृत्यु की कामना करते हैं, ध्यान में परमात्मा से एकाकार होने के बाद मृत्यु हो ऐसी परमात्मा से प्रार्थना करते हैं।

उच्च कोटि के योगी, संन्यासी, तपस्वी जीवन जीने वाले संत महात्मा जन ऐसे मृत्यु की कामना करते हैं। वे कहते हैं कि, हे मृत्यु तुम जब आना हो तब आना, बस समाधि मरण बनकर आना।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-66-1024x579.png

समाधि मरण, गहरे ध्यान में मृत्यु का आना बड़ी सौभाग्य की बात होती है। ध्यान की उच्च अवस्था में आयीं हुई मृत्यु मनुष्य को मोक्ष तक प्रदान कर कर सकती है।

जब साधक अपने इष्टदेव या सदगुरुदेव जी के ध्यान में लीन होता है, तब उसे बाह्य प्रकृति का, अपने बाह्य अस्तित्व का बोध नहीं रहता। ध्यान में लीन व्यक्ति चैतन्य स्वरूप में होता है। और अगर ऐसे में उसकी मृत्यु होती है, तो वह चैतन्य स्वरूप परमात्मा में विलीन हो जाएगा। हमारे मनुष्य जीवन का मुख्य उद्देश्य भी तो यही है चैतन्य स्वरूप परमात्मा में विलीन होना।

ध्यान की निर्विचार निर्विकार शुन्य चेतन साक्षी अवस्था में हुई मृत्यु मोक्षदायिनी होती है।

अपने ईश्वर, इष्टदेव या सदगुरुदेव भगवान जी के ध्यान में अपने नश्वर देह का त्याग होना यह सीधे सीधे उनसे जाकर मिलना है। और इससे बड़ी सौभाग्य की बात और क्या हो सकतीं हैं।

जीवन के अंतिम समय में ध्यान लगाकर या ध्यान में मृत्यु होना यह बहुत ही सौभाग्य की बात होती है। जिनकी भी ध्यान में मृत्यु होती है, उनपर परमात्मा की बहुत बड़ी कृपा होती है।

गहरे ध्यान में जो मृत्यु होती है, उसे समाधि मरण कहते हैं। समाधि मरण श्रेष्ठ मरण है। मृत्यु समय भीतर मैं परम् पवित्र आत्मा हुं की याद बनी रहे, और तब प्राण छूटे तो वह समाधि मरण कहलाता है।

भाग्यशाली होते हैं वे लोग जो मैं शुद्ध हुं, बुद्ध हूं, परम् पवित्र आत्मा हूं, मैं तो चेतन साक्षी स्वरूप आत्मा हूं की अवस्था में प्राण छोड़ते हैं, और सीधे सीधे मोक्ष में चलें जातें हैं। हमेशा के लिए सुखी हो जातें हैं।
धन्यवाद!

self awakening missionSanjiv Malik Life CoachmeditationSpiritualityInner peaceSelf-improvementInner strength

जीवन में और पढ़ें

सारे लेख

ओडिशा के नेताजी सुभाष चंद्र बोस हॉस्टल में Self Awakening Mission का Student Development Program, 57 लोगों की सहभागिता

ओडिशा, 2 अक्टूबर 2026: Self Awakening Mission की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस हॉस्टल में students और staff के लिए एक Student Development and Positive Affirmations Program आयोजित किया गया। Programme में 48 students और 9…

11 अक्टूबर 20264 मिनट

बहादुरपुर नारी ऊर्जा केंद्र में ‘स्माइलिंग योगी’ सत्र, महिलाओं को सकारात्मक जीवन और शुक्राना का संदेश

बहादुरपुर नारी ऊर्जा केंद्र में Smiling Yogi Session, महिलाओं के आत्मविकास और सकारात्मक सोच पर जोर बहादुरपुर, 9 अगस्त 2026: महिलाओं के आत्मविकास, सकारात्मक सोच और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Self…

14 अगस्त 20266 मिनट

Rashte kabhi khatm nahi hote (Motivational Story)

​हिमाचल के एक छोटे से गाँव में रहने वाले विक्रम का बचपन से एक ही सपना था—दुनिया की

8 जुलाई 20263 मिनट