Ranbhumi ke Surma (Hume Garva hai Humare Bharatiya Sainiko Per)
रणभूमि में गरजते सिंहों की दहाड़ हो तुम,
अदम्य साहस की, अटूट दीवार हो तुम।
दुश्मन के छक्के छुड़ा दो पल भर में,
भारत माँ की आन बान शान हो तुम
सीना तान के चलते हो, मौत से न डरते तुम
वतन की मिट्टी का कर्ज सदा भरते,
तुम्हारी वीरता की गाथा युगों तक गाई जाएगी, भारत माता के अनमोल हीरे हो तुम।
ऊँचे आकाश में लहराता तिरंगा तुम्हारा,
हर भारतीय के दिल का है यह उजियारा।
इसकी रक्षा में तुमने लहू भी बहाया,
हर साँस में गूंजता है बलिदान तुम्हारा,
अंधेरे में चमकते सितारे हो तुम।
कश्मीर की घाटी से कन्याकुमारी तक,
एक सूत्र में बांधे हो भारत की धरती को।
तुम्हारे हौसले से ही सुरक्षित है देश,
माँ भारती की आँखों के तारे हो तुम
अपनी जान हथेली पर लेकर चलते हो,
देश की खातिर हर मुश्किल सहते हो।
तुम्हारी रगों में बहता है देशप्रेम का लावा,
धन्य है वह माँ जिसने तुमको है जाया,
भारत माँ का गौरव हो तुम।