Self Awakening Missionआत्म जागृति मिशन खोजें
भक्ति

Sabhi Prani Ki Atma Ka Ant Kya Hai,Aur Kaise Hota Hai?

1 अगस्त 20251 मिनट में पढ़ें
https://youtu.be/aedMLysfwuc?si=6wxZ-fI9xBL1VLjA

आत्मा का अंत नहीं होता, आत्मा का विकास होता है।

आत्मा प्रभू का रुप है। आत्मा प्रभू का अंश है और फिर भी आत्मा अनंत यात्रा पर है।

आत्मा प्रभू का रुप, प्रभू का अंश होकर भी उसपर चढ़े अज्ञान आवरण, उसपर जमे अहंकार रूपी मैल के कारण वह एक सिमीत क्षुद्र जीवात्मा बनी हुई रहती है। वह अपना एक अलग अस्तित्व मानती है। और इसी अज्ञान-अहंकार के कारण जन्म मृत्यु के धक्के बुक्के खा रही होती है।

अज्ञान और अहंकार के कारण फिर फिर जन्म फिर फिर मृत्यु का दुःख उसके पिछे लगा हुआ है। और जब-तक उसको मनुष्य शरीर नहीं मिलता, उसमें सच्चे सदगुरु, सच्चे मार्गदर्शक नहीं मिलते, इसका का कोई अंत भी नहीं होता।

अज्ञान और अहंकार के कारण वह सिमीत हो चुकी होती है, बंधीं हुईं होती है, अपने ही स्वरुप से दूर हुई वह आत्मा जीवात्मा के रूप में, कपड़ों जैसे शरीर बदलती रहती है।

आत्मा के अनंत यात्रा में शरीर बदलते बदलते लंबे समय के बाद जब उसे मनुष्य शरीर मिलता है और उसमें अगर उसे सच्चे सच्चे सदगुरु मिलते हैं, तो उनके उपदेशों नुसार आचरण करने पर,उनका उपदेश भीतर धारण करने से, पहले वह जीतें जी जिवन मुक्त होतीं हैं और तत्पश्चात मुक्त।

मतलब सदगुरु की उपदेशों को सुन-सुनकर जान-समझकर उसे इसके रियल स्वरुप का बोध होता है। नश्वर और ईश्वर में, सत्य और असत्य में फर्क समझ आता है। तब वह निरिच्छ होने लगती है, उसमें विवेक और वैराग्य की उत्पत्ति होती है। उसी विवेक और वैराग्य के कारण धीरे धीरे वह सभी से, संसार और संसारियों से अनासक्त हो जाती है। शुन्य हो जाती है। और फिर उसके भीतर शुन्य स्थिति होते हीं उसकी यात्रा खत्म हो जाती है।

अंत में वह नष्ट नहीं होती पर, परमशुन्य में परमआत्मा में, अस्तित्व में विलीन हो जाती है।
धन्यवाद।

self awakening missionSanjiv Malik Life Coach

भक्ति में और पढ़ें

सारे लेख

Satguru ki kripa aur Naam Jaap

🙏🏻 ॐ श्री परमहंसाय नमः🙏🏻 ✨ ॥ सतगुरु की कृपा और नाम-जप ॥ ✨ 🌿🍁सतगुरु की कृपा जीवन

11 अक्टूबर 20262 मिनट

श्री सच्चिदानंद धाम में शताब्दी जन्मोत्सव: नवीन मंदिर, 500-सीटर Meditation Hall और गौशाला का उद्घाटन

चांदपुर गाँव, 19–20 सितंबर 2026: श्री सच्चिदानंद धाम में श्री परमहंस सद्गुरु देव दाता दीनदयाल जी महाराज के 100वें जन्म दिवस के अवसर पर दो दिवसीय शताब्दी समारोह आयोजित किया गया। देश-विदेश के विभिन्न स्थानों से आए लगभग…

11 अक्टूबर 20265 मिनट

शारदीय नवरात्रि 2026: तिथियां, घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व

ॐ श्री परमहंसाय नमः जय माता दी शारदीय नवरात्रि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का एक प्रमुख पर्व है, जिसमें नौ दिनों तक माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। यह समय केवल पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन,…

11 अक्टूबर 20263 मिनट