दिव्य अमृत धारा › 🪷 गुरु ध्यान
दर्शन ध्यान
क्या आपने ऐसा ध्यान किया है जहाँ आँखें खुली हों और मन पूरी तरह खो जाए?
सतगुरु की पावन मूरत को सामने रखकर अपलक दर्शन, इतने प्रेम से कि कोई दूसरा विचार न बचे। फिर आँखें सहज बंद होती हैं और वही छवि भ्रूमध्य में उतर आती है: बाहरी दर्शन से भीतर के मिलन तक।
इसके बाद सुनें: गुरु ध्यान
रोज़ साथ बैठकर ध्यान करें
हर सुबह अमृत वेला में साधक Zoom पर एक साथ नाम जाप और ध्यान करते हैं। यह भी निःशुल्क है। समय और link