दिव्य अमृत धारा › 🪜 ध्यान की 5 अवस्थाएँ
ध्यान की अवस्था 1: सही शुरुआत (साधन)
सही शुरुआत मिल जाए, तो क्या नाम-सिमरन अपने आप चलने लगता है?
ध्यान और सिमरन की पहली और सबसे ज़रूरी अवस्था, सही नींव, इतने सरल पर गहरे ढंग से कि साधक की आधी उलझन यहीं खत्म हो जाती है। नए साधक यहीं से शुरू करें।
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रोज़ साथ बैठकर ध्यान करें
हर सुबह अमृत वेला में साधक Zoom पर एक साथ नाम जाप और ध्यान करते हैं। यह भी निःशुल्क है। समय और link