दिव्य अमृत धारा › 🔥 अंतरमुखी भक्ति और विरह
शरीर के अंदर
जिस खज़ाने को हम बाहर ढूँढते हैं, क्या वह शरीर के अंदर ही है?
नाम, भक्ति, शांति और परमात्मा का अनुभव, सब भीतर है। सतगुरु के दिए शब्द का जाप भीतर के बंद द्वार खोलता है। हम भिखारी नहीं, भीतर अनंत धन वाले हैं; बस पहचान भूल गए हैं।
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रोज़ साथ बैठकर ध्यान करें
हर सुबह अमृत वेला में साधक Zoom पर एक साथ नाम जाप और ध्यान करते हैं। यह भी निःशुल्क है। समय और link