दिनांक: 29 जुलाई 2026
समय: दोपहर 12:30 बजे
स्थान: लेबर चौक, फेज़-2, मोहाली, पंजाब
लाभार्थी: 200 से अधिक श्रमिक भाई एवं बहनें
भोजन प्रसाद: राजमा-चावल और मिल्क बर्फी

श्री गुरु महाराज जी की असीम कृपा से 29 जुलाई 2026 को दोपहर 12:30 बजे लेबर चौक, फेज़-2, मोहाली में साप्ताहिक लंगर सेवा का आयोजन किया गया।

Self Awakening Mission मोहाली के सेवाभावी स्वयंसेवकों द्वारा आयोजित इस सेवा के अंतर्गत 200 से अधिक श्रमिक भाइयों और बहनों को राजमा-चावल एवं मिल्क बर्फी का प्रसाद प्रेम और सम्मानपूर्वक वितरित किया गया।

लंगर सेवा का शुभारंभ श्री गुरु महाराज जी की प्रार्थना और तैयार भोजन का भोग अर्पित करके किया गया। सेवा पूर्ण होने के बाद सभी सेवादारों ने क्षमा प्रार्थना की और श्री गुरु महाराज जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

यह आयोजन भोजन वितरण के साथ सेवा, भक्ति, समानता और मानवता का प्रेरणादायक संदेश लेकर आया।

लेबर चौक, फेज़-2 मोहाली में साप्ताहिक लंगर सेवा

मोहाली का लेबर चौक दैनिक रोजगार की तलाश में आने वाले अनेक श्रमिकों का प्रमुख स्थान है। यहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रमिक भाई और बहनें काम मिलने की प्रतीक्षा करते हैं।

ऐसे स्थान पर नियमित भोजन सेवा आयोजित करना श्रमिक समुदाय के लिए उपयोगी और सम्मानजनक सामुदायिक सहयोग बन सकता है।

29 जुलाई को आयोजित इस लंगर सेवा में स्वयंसेवकों ने भोजन की तैयारी, परिवहन, वितरण और आयोजन की व्यवस्था सामूहिक रूप से संभाली। प्रयास किया गया कि प्रत्येक उपस्थित व्यक्ति तक भोजन प्रसाद व्यवस्थित और सम्मानपूर्ण तरीके से पहुँचे।

200 से अधिक श्रमिकों को राजमा-चावल और मिल्क बर्फी

इस साप्ताहिक सेवा अभियान के दौरान 200 से अधिक लोगों को भोजन प्रसाद प्रदान किया गया।

प्रसाद में शामिल था:

  • राजमा
  • चावल
  • मिल्क बर्फी
  • श्री गुरु महाराज जी को अर्पित भोजन प्रसाद

राजमा-चावल पौष्टिक और पेट भरने वाला भोजन था, जबकि मिल्क बर्फी ने प्रसाद वितरण को विशेष एवं आनंदपूर्ण बनाया।

भोजन वितरण के दौरान सभी श्रमिकों के प्रति समानता, प्रेम और सम्मान का भाव रखा गया। लंगर सेवा का मूल उद्देश्य किसी व्यक्ति को केवल भोजन देना नहीं, बल्कि उसे यह अनुभव कराना भी है कि समाज उसकी आवश्यकताओं और सम्मान की परवाह करता है।

प्रार्थना और भोग अर्पण के साथ हुआ शुभारंभ

लंगर सेवा प्रारंभ करने से पहले सभी सेवादारों ने श्री गुरु महाराज जी की प्रार्थना की और तैयार भोजन का भोग अर्पित किया।

इसके पश्चात भोजन को प्रसाद के रूप में श्रमिक भाइयों और बहनों के बीच वितरित किया गया।

प्रार्थना और सेवा का यह संगम आयोजन को सामाजिक सहायता के साथ आध्यात्मिक भावना से भी जोड़ता है। Self Awakening Mission का संदेश है कि श्रद्धा तभी सार्थक बनती है जब वह सेवा, प्रेम और करुणा के रूप में हमारे व्यवहार में दिखाई दे।

क्षमा प्रार्थना के साथ हुआ सेवा का समापन

भोजन वितरण पूर्ण होने के बाद सभी स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से क्षमा प्रार्थना की।

क्षमा प्रार्थना के माध्यम से सेवा के दौरान अनजाने में हुई किसी भी त्रुटि, कमी या असुविधा के लिए विनम्रतापूर्वक क्षमा माँगी गई।

यह परंपरा स्वयंसेवकों को विनम्रता, आत्मचिंतन और सेवा में अहंकार से दूर रहने की प्रेरणा देती है। सेवा का उद्देश्य प्रशंसा प्राप्त करना नहीं, बल्कि निस्वार्थ भाव से जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना है।

मोहाली लंगर सेवा में सेवादारों का योगदान

इस साप्ताहिक लंगर सेवा को सफल बनाने में Self Awakening Mission मोहाली के निम्न सेवादारों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया:

  • रमेश कथूरिया जी
  • मनुज जी
  • करुण जी
  • संजय जी
  • यतेंद्र जी
  • रोहित जी
  • कार्तिक जी
  • प्रकृति जी
  • कमल शर्मा जी
  • रीत शर्मा जी
  • ज्योति जी
  • मास्टर अव्यान
  • मास्टर देवांश

सभी सेवादारों ने भोजन की व्यवस्था, पैकिंग, परिवहन और वितरण में समर्पित भाव से सहयोग किया।

इस सेवा में मास्टर अव्यान और मास्टर देवांश की सहभागिता विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। बच्चों का सेवा गतिविधियों से जुड़ना उनमें करुणा, सामाजिक जिम्मेदारी और दूसरों की सहायता करने के संस्कार विकसित करने का सुंदर माध्यम है।

Self Awakening Mission परिवार सभी सेवादारों और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त करता है।

श्रमिक समुदाय के लिए नियमित भोजन सेवा का महत्व

दैनिक मजदूरी पर निर्भर श्रमिकों को काम और आय से संबंधित अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ सकता है। कई बार काम न मिलने पर उनके लिए दिन का भोजन जुटाना भी कठिन हो सकता है।

ऐसी परिस्थितियों में नियमित लंगर सेवा:

  • श्रमिकों को सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराती है
  • दिन की तत्काल भोजन आवश्यकता में सहायता करती है
  • श्रमिक और स्थानीय समुदाय के बीच जुड़ाव बढ़ाती है
  • निस्वार्थ सेवा की भावना को प्रोत्साहित करती है
  • बच्चों और युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ती है
  • समाज में समानता और सहयोग का संदेश देती है

साप्ताहिक रूप से आयोजित होने वाली सेवा एक बार की सहायता के बजाय निरंतर सामुदायिक सहयोग का स्वरूप प्रस्तुत करती है।

सेवा ही साधना और सच्ची गुरु भक्ति है

Self Awakening Mission का संदेश है:

सेवा ही साधना है, सेवा ही सच्ची गुरु भक्ति है।

गुरु के प्रति श्रद्धा केवल पूजा, आरती या प्रार्थना तक सीमित नहीं होनी चाहिए। किसी भूखे व्यक्ति को भोजन देना, जरूरतमंद की सहायता करना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी गुरु भक्ति का व्यावहारिक रूप है।

निस्वार्थ सेवा व्यक्ति को करुणा, विनम्रता और कृतज्ञता का अनुभव कराती है। जब सेवा बिना किसी भेदभाव और अपेक्षा के की जाती है, तब वह आध्यात्मिक साधना का स्वरूप ग्रहण करती है।

भारत के विभिन्न राज्यों में नियमित सेवा गतिविधियाँ

Self Awakening Mission द्वारा भारत के अनेक शहरों और राज्यों में नियमित रूप से सामाजिक, मानवीय एवं आध्यात्मिक सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इन गतिविधियों में शामिल हैं:

  • साप्ताहिक लंगर एवं भोजन सेवा
  • श्रमिकों के लिए भोजन वितरण
  • अस्पताल क्षेत्रों में खाद्य सामग्री सेवा
  • जरूरतमंद परिवारों की सहायता
  • गर्मी में पेय और फल वितरण
  • निःशुल्क चिकित्सा शिविर
  • गौ सेवा एवं जीव कल्याण
  • सत्संग, ध्यान और मंत्र जाप
  • ग्रामीण एवं सामुदायिक उत्थान कार्यक्रम

मिशन की सेवा टीमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं।

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सेवा का विस्तार

Self Awakening Mission राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आध्यात्मिक जागरण, सेवा और मानव कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों पर कार्य कर रहा है।

मिशन का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को स्वयं सेवा से जोड़ना भी है। नियमित स्वयंसेवा व्यक्ति को समाज की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने और अपने समय तथा संसाधनों का सकारात्मक उपयोग करने की प्रेरणा देती है।

भारत के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय समुदायों में भी भोजन सहायता, स्वयंसेवा और सामुदायिक सहयोग से जुड़ी पहल की जा रही हैं।

आप भी साप्ताहिक लंगर सेवा से जुड़ें

इच्छुक व्यक्ति अपनी क्षमता और उपलब्धता के अनुसार Self Awakening Mission की लंगर सेवा में सहयोग कर सकते हैं।

सहयोग के प्रमुख तरीके हैं:

  • भोजन वितरण में स्वयंसेवक बनकर
  • राशन या भोजन सामग्री प्रदान करके
  • किसी सप्ताह की लंगर सेवा प्रायोजित करके
  • भोजन की पैकिंग में सहायता करके
  • परिवहन और आयोजन में सहयोग देकर
  • परिवार और बच्चों के साथ सेवा में भाग लेकर
  • जरूरतमंद स्थानों की जानकारी साझा करके
  • मिशन की सेवा परियोजनाओं के लिए दान देकर

छोटा लेकिन नियमित सहयोग अनेक लोगों तक सम्मानपूर्वक भोजन पहुँचाने में सहायक हो सकता है।

Self Awakening Mission से संपर्क करें

दान करने, स्वयंसेवक बनने और आगामी सेवा परियोजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क करें:

🌐 वेबसाइट:
https://www.selfawakeningmission.org

📞 मोबाइल:
+91 93508 84041
+91 84488 00151

📩 ईमेल:
support@selfawakeningmission.org

मानवता की सच्ची पहचान हमारे शब्दों से नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के लिए किए गए कार्यों से होती है।

🙏 जय सच्चिदानंद जी
🌺 ॐ श्री परमहंसाय नमः 🌺