नकारात्मकता क्यों बढ़ती है? आखिर यह नकारात्मकता क्या है नकारात्मकता के अनेक रुप है। मनुष्य के जीवन में नकारात्मकता अनेकों कारणों से बढ़ती है। हमारी ही ग़लत सोच, ग़लत...
  • Aradhana Tiwari
  • August 1, 2025

Bhagwan Se Bada Kya Hai?

भगवान से बड़ा कोई नहीं है। लेकिन, सदगुरु खुद भगवान नहीं होते, भगवान से मिलें हुए होते हैं। हमें भी भगवान तक पहूंचाने में मदद करतें हैं। सदगुरु का...
आत्मा का अंत नहीं होता, आत्मा का विकास होता है। आत्मा प्रभू का रुप है। आत्मा प्रभू का अंश है और फिर भी आत्मा अनंत यात्रा पर है। आत्मा...
  • Aradhana Tiwari
  • July 31, 2025

Karm Yog Kya Hai?

कर्मयोग का अर्थ है बिना किसी फल की इच्छा के, अपने कर्तव्यों का पालन करना, और अपने हर कर्म को ईश्वर को समर्पित करना। यह एक ऐसा योग है...
  • Aradhana Tiwari
  • July 3, 2025

Kya PunarJanm/Purvjanm Hota Hai?

हां पुनः जन्म होता है। बिल्कुल होता है। चौरासी लाख योनियों में से मनुष्य योनि अंतिम योनि होती है। और फिर इसके बाद चौरासी का फिर से नया चक्र...
कर्म स्थूल के साथ साथ सूक्ष्म, कायिक वाचिक मानसिक रूप से होते हीं है। बीना कर्म करें हम नहीं रह सकते। कर्म तो सदा होते ही रहते हैं। बस...
21 दिवसीय “ॐ श्री परमहंसाय नमः” साधना – आपके सभी प्रश्नों के उत्तर “ॐ श्री परमहंसाय नमः” साधना क्या है? 21 दिवसीय मंत्र साधना एक शक्तिशाली आध्यात्मिक प्रक्रिया है,...
कर्मो का फल हर किसी को हर हाल में भुगतना होता है। लेकिन, उसमें अगर माफी मांग ली जाएं, प्रायश्चित किया जाए और पूर्ण सच्चे ईश्वर निष्ठ श्रीगुरू की...
  • Aradhana Tiwari
  • March 21, 2025

Karm or Bhagya Me Kya Antar Hai?

कर्म और भाग्य एक ही चीज के दो पहलू है। कर्म ही भाग्य बनाता है। हमारे शुभ और अशुभ कर्मों के फलस्वरूप ही भाग्य का निर्माण होता है।दरअसल हम...
  • Aradhana Tiwari
  • March 20, 2025

Geeta Ke Anusar Jeevan Ka Satya Kya Hai?

हिन्दू धर्म में भगवत गीता एक पवित्र ग्रंथ है। इसके श्लोक जीवन को जीने की दिशा दिखाते हैं। भगवत गीता के श्लोक हमारे जीवन जीने की राह आसान कर...