आवाज लगाए सदगुरुहां तुझको जगाए सदगुरुये मौका नहीं खोनानहीं सोना, नहीं सोनामुश्किल से मानुष तन पायासदगुरु जीवन में तेरे आयाचरणों में तू ध्यान लगा लेंभीतर अपने ज्योति जगा लेभरा...
जीव को चाहिये कि अपना मन सब तरफ से हटाकर मालिक के चरणों मे लगावे।जो कहे कि मुझे परमात्मा से मिलने की इच्छा है और सांसारिक मोह व इच्छाएँ...
गुरु वचनों को रखना संभाल के।एक एक वचन में गहरा राज है।।यदि संसार की हालत को गौर से देखा जाए तो प्रत्येक मानव प्राणी दुःखी, अशांत और कल्पनाग्रस्त नज़र...
हमारा धर्म, इसका धर्म, उसका धर्म यह सब उपरी उपरी बातें हैं। अज्ञानी लोग जिन्हें धर्म कहते हैं वह सब संप्रदाय या अलग-अलग पंथ होते हैं।असल में हम सबका,...
युग कोई भी हो गुरु के बिना पुरा ज्ञान या आत्मज्ञान की प्राप्ति असंभव है। यह जो गुरु परंपरा है ख़ुद परमात्मा ने स्थापित कि हुईं हैं। परमात्मा ही...
जिस में कुछ मिलावट ना हो वह शुद्ध और जिस में कुछ मिलावट हो वह अशुद्ध ऐसा तो हम सब जगह व्यवहार में देखते हैं। आत्मा जो है पहले...
चिंता तो सत्तनाम की, और न चित्तवै दासजो कछु चितवै नाम बिनु, सोई काल की फाँसयदि इन्सान को सत्तनाम की चिन्ता है, उसका सुमिरण करता है तो वह सुख...
सत्संगति से लाभसंसार की हाट में जब दोनो प्रकार का सौदा बिकाऊ है, एक ओर शरीर के सुख-आराम, धन-आराम, धन-पदार्थ, माल-मिल्कियत और दूसरी ओर मालिक की “भक्ति”। अब यह...
🔅💥🔅💥🔅💥🔅💥अब विचार करके देखो कि आपकी गिनती कितनी है। मालिक की भक्ति में कितने जीव लगे हुए हैं।। कई जन्मों के पुण्य जब जागृत होते हैं तो इंसान का...
