हां बिल्कुल। भगवान की जगह सदगुरु की पूजा की जा सकती है, कर सकते है। भगवान को हम नहीं जानते। भगवान को हमने नहीं देखा। हमने तो बस सदगुरु...
हां पुनः जन्म होता है। बिल्कुल होता है। चौरासी लाख योनियों में से मनुष्य योनि अंतिम योनि होती है। और फिर इसके बाद चौरासी का फिर से नया चक्र...
कर्म स्थूल के साथ साथ सूक्ष्म, कायिक वाचिक मानसिक रूप से होते हीं है। बीना कर्म करें हम नहीं रह सकते। कर्म तो सदा होते ही रहते हैं। बस...
राम कृष्ण परमहंस देव ने ईश्वर और नश्वर, यानी ईश्वर के दोनों रुपों को जान लिया था। जीवन की वास्तविकता को पहचान लिया था और इसलिए उन्होंने कहा “धन...
21 दिवसीय “ॐ श्री परमहंसाय नमः” साधना – आपके सभी प्रश्नों के उत्तर “ॐ श्री परमहंसाय नमः” साधना क्या है? 21 दिवसीय मंत्र साधना एक शक्तिशाली आध्यात्मिक प्रक्रिया है,...
Shri Aarti Morning Shri Aarti Evening Bhajan – होंगे किसी के लाखों मेरा सहारा तू है Bhajan – जन्म जन्म का साथ है, गुरु से हमारा Bhajan – मुझे...
कर्मो का फल हर किसी को हर हाल में भुगतना होता है। लेकिन, उसमें अगर माफी मांग ली जाएं, प्रायश्चित किया जाए और पूर्ण सच्चे ईश्वर निष्ठ श्रीगुरू की...
कर्म और भाग्य एक ही चीज के दो पहलू है। कर्म ही भाग्य बनाता है। हमारे शुभ और अशुभ कर्मों के फलस्वरूप ही भाग्य का निर्माण होता है।दरअसल हम...
हिन्दू धर्म में भगवत गीता एक पवित्र ग्रंथ है। इसके श्लोक जीवन को जीने की दिशा दिखाते हैं। भगवत गीता के श्लोक हमारे जीवन जीने की राह आसान कर...
आत्मा को विज्ञान नहीं ढूंढ सकतीं, विज्ञान केवल आत्मा का अनुभव कर सकतीं हैं। अध्यात्म से विज्ञान है, विज्ञान से अध्यात्म नहीं। विज्ञान के मूल में अध्यात्म है। विज्ञान...
