दिनांक: 22 जुलाई 2026
स्थान: लेबर चौक, फेज़-2, मोहाली, पंजाब
लाभार्थी: 200 से अधिक श्रमिक भाई एवं बहनें
प्रसाद: कढ़ी-चावल और मिल्क बर्फी
श्री गुरु महाराज जी की असीम कृपा से Self Awakening Mission द्वारा 22 जुलाई 2026 को लेबर चौक, फेज़-2, मोहाली में साप्ताहिक लंगर सेवा आयोजित की गई।
इस सेवा अभियान के अंतर्गत 200 से अधिक श्रमिक भाइयों और बहनों को प्रेम एवं सम्मान के साथ कढ़ी-चावल तथा मिल्क बर्फी का प्रसाद वितरित किया गया।
लंगर सेवा का शुभारंभ श्री गुरु महाराज जी की प्रार्थना और भोजन का भोग अर्पित करके हुआ। प्रसाद वितरण पूर्ण होने के पश्चात सभी सेवादारों ने विनम्रतापूर्वक क्षमा प्रार्थना की।
यह आयोजन निःस्वार्थ सेवा, करुणा, समानता और मानवता के प्रति समर्पण का सुंदर उदाहरण बना।
लेबर चौक, फेज़-2 में नियमित भोजन सेवा
मोहाली का लेबर चौक प्रतिदिन काम की तलाश में आने वाले अनेक श्रमिकों का प्रमुख स्थान है। यहाँ दैनिक मजदूरी करने वाले पुरुष और महिलाएँ रोजगार मिलने की आशा में एकत्रित होते हैं।
काम और आय की अनिश्चितता के कारण कई श्रमिकों के लिए दिन में पर्याप्त भोजन की व्यवस्था करना कठिन हो सकता है। ऐसे स्थान पर नियमित रूप से आयोजित लंगर सेवा स्थानीय श्रमिक समुदाय के लिए व्यावहारिक और सम्मानपूर्ण सहायता बनती है।
Self Awakening Mission की मोहाली टीम द्वारा की जाने वाली साप्ताहिक सेवा का उद्देश्य केवल एक दिन का भोजन प्रदान करना नहीं, बल्कि सेवा की निरंतर परंपरा विकसित करना भी है।
200 से अधिक श्रमिकों को कढ़ी-चावल और मिल्क बर्फी
22 जुलाई की इस साप्ताहिक सेवा में 200 से अधिक श्रमिक भाइयों और बहनों को भोजन प्रसाद प्रदान किया गया।
प्रसाद में शामिल था:
- कढ़ी
- चावल
- मिल्क बर्फी
- श्री गुरु महाराज जी को अर्पित भोजन प्रसाद
कढ़ी-चावल को गरम और संतोषजनक भोजन के रूप में परोसा गया, जबकि मिल्क बर्फी ने प्रसाद वितरण को विशेष बनाया।
सभी श्रमिकों को बिना किसी भेदभाव के व्यवस्थित रूप से भोजन दिया गया। स्वयंसेवकों ने प्रयास किया कि प्रत्येक उपस्थित व्यक्ति तक पर्याप्त प्रसाद पहुँचे और वितरण के दौरान सम्मान एवं अनुशासन बनाए रखा जाए।
प्रार्थना और भोग से हुआ सेवा का शुभारंभ
लंगर सेवा शुरू करने से पहले सेवादारों ने सामूहिक रूप से श्री गुरु महाराज जी की प्रार्थना की और तैयार भोजन का भोग अर्पित किया।
इसके बाद भोजन को प्रसाद के रूप में श्रमिक समुदाय के बीच वितरित किया गया।
प्रार्थना और सेवा का यह संगम आयोजन को सामाजिक सहयोग के साथ आध्यात्मिक भावना से भी जोड़ता है। Self Awakening Mission का संदेश है कि गुरु भक्ति तभी सार्थक होती है जब वह हमारे व्यवहार में प्रेम और हमारे कर्मों में सेवा बनकर दिखाई दे।
क्षमा प्रार्थना के साथ हुआ समापन
भोजन वितरण पूर्ण होने के बाद सभी सेवादारों ने क्षमा प्रार्थना की।
क्षमा प्रार्थना के माध्यम से सेवा के दौरान अनजाने में हुई किसी भी त्रुटि, कमी या असुविधा के लिए विनम्रतापूर्वक क्षमा माँगी गई।
यह परंपरा सेवा करने वाले व्यक्ति को विनम्रता और आत्मचिंतन से जोड़ती है। निःस्वार्थ सेवा का उद्देश्य प्रशंसा प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना है।
मोहाली लंगर सेवा में सेवादारों का योगदान
इस साप्ताहिक लंगर सेवा को सफल बनाने में निम्न सेवादारों ने अपना अमूल्य सहयोग प्रदान किया:
- रमेश कथूरिया जी
- मनुज जी
- करुण जी
- संजय जी
- स्वर्ण जी
- अनिल जी
- यतेंद्र जी
- रोहित जी
- कार्तिक जी
- प्रकृति जी
- कमल शर्मा जी
- रीत शर्मा जी
सभी सेवादारों ने भोजन की व्यवस्था, परिवहन, वितरण और कार्यक्रम के समन्वय में समर्पित भाव से योगदान दिया।
Self Awakening Mission परिवार सभी सेवाभावी सदस्यों तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले साथियों का हृदय से आभार व्यक्त करता है।
साप्ताहिक सेवा की निरंतरता का महत्व
एक बार की भोजन सहायता महत्वपूर्ण होती है, लेकिन नियमित रूप से की जाने वाली सेवा समुदाय के साथ विश्वास और निरंतर सहयोग का संबंध बनाती है।
साप्ताहिक लंगर सेवा के माध्यम से:
- जरूरतमंद श्रमिकों तक नियमित भोजन पहुँचता है
- स्थानीय समुदाय से संबंध मजबूत होता है
- स्वयंसेवकों में सेवा का अनुशासन विकसित होता है
- नए लोग सेवा गतिविधियों से जुड़ते हैं
- भोजन सहायता को व्यवस्थित रूप दिया जाता है
- समाज में समानता और करुणा का संदेश फैलता है
सेवा की वास्तविक शक्ति केवल बड़े आयोजन में नहीं, बल्कि छोटे प्रयासों की निरंतरता में भी दिखाई देती है।

श्रमिक समुदाय के लिए भोजन सेवा क्यों आवश्यक है?
दैनिक मजदूरी पर निर्भर लोगों की आय नियमित नहीं होती। काम न मिलने की स्थिति में भोजन और अन्य दैनिक आवश्यकताओं का प्रबंध करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ऐसी परिस्थितियों में सामुदायिक भोजन सेवा:
- तत्काल भोजन सहायता प्रदान करती है
- श्रमिकों के दैनिक खर्च का कुछ दबाव कम करती है
- महिलाओं और पुरुषों दोनों तक सहयोग पहुँचाती है
- स्थानीय समाज को श्रमिक समुदाय की परिस्थितियों से परिचित कराती है
- सहायता को सम्मान और समानता के साथ जोड़ती है
लंगर सेवा का उद्देश्य किसी व्यक्ति को असहाय दिखाना नहीं, बल्कि उसकी गरिमा का सम्मान करते हुए सहयोग देना है।
सेवा ही साधना और सच्ची गुरु भक्ति है
Self Awakening Mission का मूल संदेश है:
सेवा ही साधना है, सेवा ही सच्ची गुरु भक्ति है।
गुरु के प्रति श्रद्धा केवल आरती, पूजा और प्रार्थना तक सीमित नहीं होनी चाहिए। किसी भूखे व्यक्ति को भोजन देना और जरूरतमंद की सहायता करना भी गुरु भक्ति का व्यावहारिक रूप है।
जब सेवा बिना भेदभाव और किसी प्रतिफल की अपेक्षा के की जाती है, तब वह करुणा एवं आध्यात्मिक साधना का स्वरूप ग्रहण करती है।
भारत के विभिन्न राज्यों में नियमित सेवा कार्य
Self Awakening Mission द्वारा भारत के अनेक राज्यों और शहरों में भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, जीव कल्याण और आध्यात्मिक जागरण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इन गतिविधियों में शामिल हैं:
- साप्ताहिक लंगर और भोजन वितरण
- श्रमिकों के लिए भोजन प्रसाद
- अस्पतालों के पास खाद्य सामग्री सेवा
- जरूरतमंद बच्चों के लिए भोजन और शिक्षा सहायता
- मातृ एवं शिशु पोषण सहयोग
- निःशुल्क चिकित्सा शिविर
- गौ सेवा एवं गौ आहार वितरण
- वृद्धाश्रम एवं वरिष्ठजन सेवा
- सत्संग, ध्यान और नाम जाप
मिशन की सेवा टीमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं।
न गतिविधियों में शामिल हैं:
- साप्ताहिक लंगर और भोजन वितरण
- श्रमिकों के लिए भोजन प्रसाद
- अस्पतालों के पास खाद्य सामग्री सेवा
- जरूरतमंद बच्चों के लिए भोजन और शिक्षा सहायता
- मातृ एवं शिशु पोषण सहयोग
- निःशुल्क चिकित्सा शिविर
- गौ सेवा एवं गौ आहार वितरण
- वृद्धाश्रम एवं वरिष्ठजन सेवा
- सत्संग, ध्यान और नाम जाप
मिशन की सेवा टीमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं।
आप भी साप्ताहिक लंगर सेवा से जुड़ें
इच्छुक व्यक्ति अपनी क्षमता और उपलब्धता के अनुसार इस सेवा से जुड़ सकते हैं।
सहयोग के प्रमुख तरीके हैं:
- भोजन वितरण में स्वयंसेवक बनकर
- राशन या खाद्य सामग्री प्रदान करके
- किसी सप्ताह की लंगर सेवा प्रायोजित करके
- भोजन बनाने या पैकिंग में सहयोग देकर
- सामग्री के परिवहन में सहायता करके
- सेवा स्थल की व्यवस्था संभालकर
- जरूरतमंद क्षेत्रों की जानकारी साझा करके
- मिशन की सेवा परियोजनाओं के लिए दान देकर
नियमित रूप से दिया गया छोटा सहयोग भी अनेक लोगों तक सम्मानपूर्वक भोजन पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
Self Awakening Mission से संपर्क करें
Self Awakening Mission राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आध्यात्मिक जागरण, सेवा और मानव कल्याण के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्यरत है।
दान करने, स्वयंसेवक बनने और आगामी परियोजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क करें:
🌐 वेबसाइट:
https://www.selfawakeningmission.org
📞 मोबाइल:
+91 93508 84041
+91 84488 00151
📩 ईमेल:
support@selfawakeningmission.org
मानवता की सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा और जिम्मेदारी से भरा जीवन जीने का मार्ग है।
🙏 श्री गुरु महाराज जी के श्रीचरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।
🌸 जय सच्चिदानंद जी 🌸
