मोक्ष अर्थात् जीवन–मरण से मुक्त हो जाना। मोक्ष प्राप्ति का अर्थ है कि परमात्मा से अलग हुआ जीव फिर अपने उसी परमात्मा स्वरूप में लीन हो जाता है। जब...
हमारा धर्म, इसका धर्म, उसका धर्म यह सब उपरी उपरी बातें हैं। अज्ञानी लोग जिन्हें धर्म कहते हैं वह सब संप्रदाय या अलग-अलग पंथ होते हैं।असल में हम सबका,...
युग कोई भी हो गुरु के बिना पुरा ज्ञान या आत्मज्ञान की प्राप्ति असंभव है। यह जो गुरु परंपरा है ख़ुद परमात्मा ने स्थापित कि हुईं हैं। परमात्मा ही...
  • Nitu
  • September 3, 2023

Shudh Atma Kya Hai?

जिस में कुछ मिलावट ना हो वह शुद्ध और जिस में कुछ मिलावट हो वह अशुद्ध ऐसा तो हम सब जगह व्यवहार में देखते हैं। आत्मा जो है पहले...
आत्मा परमात्मा का ही अंश है अतः परमात्मा के सभी गुणों से आत्मा भी युक्त ही है। अंतर सिर्फ इतना है कि उस पर विकारों की मैल चढ़ी है...
हम परमात्मा का ही अंश हैं अतः हमारे भीतर भी वो सारे गुण और शक्तियां समाई हैं, जो परमात्मा में है। बस अंतर इतना है कि अज्ञानतावश हम भूल...
यह सम्पूर्ण ब्रह्मांड उस निराकार परमात्मा का ही साकार रूप है, उससे अलग नही। परमात्मा ने सृष्टि बनाई और खुद ही इनके भीतर छुप गया। इसलिए जब हम सबके...
मोक्ष मार्ग में जाने की सही दिशा है आत्मसाक्षात्कारी श्रीगुरु परंपरागत सही सदगुरू का आश्रय। मोक्ष मार्ग में जाने की सही दिशा है श्रीगुरु परंपरागत मार्ग। आत्मा और अनात्मा...
💓💓💓💓💓💓💓💓💓जाने राम भक्त हनुमान जी के वानर रूप के रहस्य:- पौराणिक ग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार बजरंग बली की माता अंजनी अपने पूर्व जन्म में इन्द्रराज के महल...