सच्चे अनुभव, उन्हीं की ज़ुबानी
जिनका जीवन बदल गया
कोई सब कुछ खो चुका था, कोई खुद पर भरोसा खो चुका था। बरसों भटकने के बाद इन्हें राह मिली। सुनिए, कैसे।
टूटे जीवन से नई शुरुआतकोरोना में घर, नौकरी, गाँव, परिवार… सब बिखर गया। बस बच्चे साथ थे।
मैथिली जीपूरी कहानी देखें
निराशा से आत्मिक शांतिबेटे का नशा, टूटी शादी, पैसों की तंगी, समाज के ताने… जीवन ख़त्म होने की कगार पर था।
एक माँपूरी कहानी देखें
डर से आत्मविश्वास तकपाँच लोगों के सामने बोलने की हिम्मत नहीं थी। आज हज़ार लोगों के सामने बोलती हूँ।
विष्णुप्रिया जीओडिशापूरी कहानी देखें
अंत लगा, शुरुआत निकलीमैंने सोचा था यह मेरी ज़िंदगी का अंत है। पर वही एक नई यात्रा की शुरुआत थी।
गरिमा जीपूरी कहानी देखें
गृहिणी से हीलरकभी नहीं सोचा था कि एक हाउसवाइफ से एक सर्टिफ़ाइड रेकी हीलर बनूँगी।
प्रियंका पटेल जीलखनऊपूरी कहानी देखें
"मुझे कुछ नहीं आता" से सेवादार तकमैं हमेशा कहती थी, मुझे तो कुछ आता ही नहीं… फिर ख़ुद से प्यार करना सीखा।
ऋचा अरोड़ा जीदिल्लीपूरी कहानी देखें
दोष देने से माफ़ करने तकपहले हर बात के लिए दूसरों को दोष देती थी। अब माफ़ करना और छोड़ना सीख लिया।
सौम्या सत्पथी जीकोच्चि, केरल (भुवनेश्वर से)पूरी कहानी देखें
रिश्ते में नई नज़रमैं पूरब, वो पश्चिम। हमारी सोच कभी नहीं मिलती थी… फिर एक वीडियो ने नज़र बदल दी।
रजनी जीपूरी कहानी देखें
आपकी कहानी भी बदल सकती है
इनमें से ज़्यादातर की शुरुआत एक वीडियो, एक क्लास या रोज़ के नाम जाप से हुई। आप भी आज से शुरू कर सकते हैं, बिल्कुल निःशुल्क।
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