सच्चे अनुभव · डर से आत्मविश्वास तक
पाँच लोगों के सामने बोलने की हिम्मत नहीं थी। आज हज़ार लोगों के सामने बोलती हूँ।
विष्णुप्रिया जी · ओडिशा · जुड़ी हैं 2020 से
- पहले
मन में नकारात्मक विचार ही विचार थे, आत्मविश्वास बिल्कुल शून्य था।
- मोड़
2020 में कोरोना के समय वे जुड़ीं: पर्सनालिटी डेवलपमेंट, सात चक्र और टीचरशिप की क्लास कीं। माइंड प्रोग्रामिंग और पॉज़िटिव अफ़र्मेशन को घर पर अपने ऊपर अपनाया।
- आज
पति के साथ गुरु दीक्षा ली। स्कूल-स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ाया, और हर स्कूल के साथ आत्मविश्वास बढ़ता गया। अब वे महिलाओं की क्लास भी लेती हैं और दूसरों की हिम्मत बढ़ाती हैं।
“नकारात्मक सारे विचार चले गए हैं। बस पॉज़िटिव चिंतन, और कुछ गलती हो जाए तो श्री चरणों में क्षमा प्रार्थना।”
विष्णुप्रिया जी






