सच्चे अनुभव · निराशा से आत्मिक शांति
बेटे का नशा, टूटी शादी, पैसों की तंगी, समाज के ताने… जीवन ख़त्म होने की कगार पर था।
एक माँ · जुड़ी हैं दो साल से
- पहले
बेटे की नशे की आदत, उसकी शादी का टूटना, पैसों की कमी और समाज में इज़्ज़त की चिंता: हर तरफ़ से निराशा थी। जीवन नीरस हो गया था और गुस्सा बहुत आता था।
- मोड़
संजीव सरSanjiv Sir के माध्यम से वे ॐ श्री परमहंसाय नमः के जाप से जुड़ीं।
- आज
जीवन में ठहराव आया, आत्मिक शांति मिली। गुस्सा बहुत कम हो गया, सहनशीलता आ गई, और अब उन्हें अपना जीवन अच्छा लगने लगा है।
“मेरे जीवन में अब ठहराव आ रहा है और मुझे अपना जीवन अब अच्छा लगने लगा है।”
एक माँ






