जब प्रयास होते हैं तभी परिणाम मिलते हैं। इसलिए सोए हुए समाज को जगाने के लिए कुछ सनकी लोगों की आवश्यकता है, जो अपने ज्ञान के सामर्थ्य से जन...
सामर्थ्य किसी का भी हो, साधारण नहीं होता है। यदि सामर्थ्य को जगा दिया जाए तो दुनिया के बाकी सभी लोगों के सामर्थ्य फीके के पड़ जाते हैं। व्यक्ति...
कलियुग में किन्नर शब्द से सीधा तात्पर्य मानव की तीसरी प्रजाति से ही लिया जाता है । किन्तु पौराणिक काल में किन्नर ब्रम्हा द्वारा उत्पन्न देवताओं का एक समुदाय...
जन्म और मृत्यु का, पुनजर्न्म का कारण ही कार्मिक कनेक्शन या कर्म-बंधन, या आसक्तियां है। कार्मिक कनेक्शन, कर्म-बंधन अच्छे या बुरे दोनों भी हो सकते हैं। पिछले जन्मों में...
रोम रोम में रमने वाले राम तुम हो।कन कन मे बसने वाले कृष्ण तुम हो।तुम कहां नहीं हो ऐसी जगह तो बताओ?ऐसी कोई जगह नहीं है कि, जहां तुम...
जी बिल्कुल! धन्यवाद और माफी प्रार्थना के जरिए हम जीवन में बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं। हम हमारे जीवन को एक नई दिशा दे सकते है। माफी और...
अहंकार अज्ञान के कारण पैदा होता है। क्योंकि अहंकार अज्ञान का एक हिस्सा है, अहंकार एक असमझ है। अहंकार ज्ञान, सारा-सार विवेक और समझ का अभाव है। अहंकार अविवेक...
मृत्यु के बारे सबके अलग-अलग विचार और मृत्यु के वक्त सबकी अलग-अलग स्थिति होती है।मृत्यु किसी के लिए अच्छी या किसी के लिए बूरी हो सकती है। किसी रोग...
जब-तक मनुष्य भगवान को तत्व से नहीं जानता, जब-तक मनुष्य भगवान का वास्तविक स्वरूप और कर्म-बंधनो के नियमों को नहीं जानता तब-तक भगवान को दोष देता रहता है। चाहे...
कर्म बड़ा है, कर्म प्रधान है, कर्म सर्वोपरि है। कर्मों से ही भाग्य बनता है। कर्मों से ही भाग्य का निर्माण होता है। मनुष्य खुद अपने कर्मों द्वारा अपने...
