हमारा धर्म, इसका धर्म, उसका धर्म यह सब उपरी उपरी बातें हैं। अज्ञानी लोग जिन्हें धर्म कहते हैं वह सब संप्रदाय या अलग-अलग पंथ होते हैं।असल में हम सबका,...
युग कोई भी हो गुरु के बिना पुरा ज्ञान या आत्मज्ञान की प्राप्ति असंभव है। यह जो गुरु परंपरा है ख़ुद परमात्मा ने स्थापित कि हुईं हैं। परमात्मा ही...
जिस में कुछ मिलावट ना हो वह शुद्ध और जिस में कुछ मिलावट हो वह अशुद्ध ऐसा तो हम सब जगह व्यवहार में देखते हैं। आत्मा जो है पहले...
चिंता तो सत्तनाम की, और न चित्तवै दासजो कछु चितवै नाम बिनु, सोई काल की फाँसयदि इन्सान को सत्तनाम की चिन्ता है, उसका सुमिरण करता है तो वह सुख...
सत्संगति से लाभसंसार की हाट में जब दोनो प्रकार का सौदा बिकाऊ है, एक ओर शरीर के सुख-आराम, धन-आराम, धन-पदार्थ, माल-मिल्कियत और दूसरी ओर मालिक की “भक्ति”। अब यह...
🔅💥🔅💥🔅💥🔅💥अब विचार करके देखो कि आपकी गिनती कितनी है। मालिक की भक्ति में कितने जीव लगे हुए हैं।। कई जन्मों के पुण्य जब जागृत होते हैं तो इंसान का...
चिंता तो सत्तनाम की, और न चितवै दास।जो कछु चितवै नाम बिनु, सोइबकाल की फाँस।।यदि चिन्ता करनी है तो गुरु के नाम की चिन्ता करे, जिससे मुक्ति मिलती है।...
आप सभी को रक्षाबंधन पर्व की ढेरों प्यारी भारी शुभकामनाएं 🙏भाई–बहन का ये पवित्र रिश्ता जो हमारे सनातन धर्म में है और कहीं नहीं है। हर रिश्ते को परमात्मा...
✴️💥✴️💥✴️💥✴️💥जैसे सेब को यदि काटकर देखें तो उसमें से अक्सर तीन बीज निकलते हैं। और एक बीज से एक पेड़, एक पेड़ से अनेक सेब, अनेक सेबों में फिर...
‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने से पर्यावरण में पांच तत्वों का सामंजस्य स्थापित होता है। हर रोज़ इसका जाप करने से सभी 5 तत्वों में शांति, प्रेम और...
