हमारे मन में यह स्वाभाविक प्रश्न उठता है कि यदि हमने कोई गलत कर्म किया नही, बस सोंचा है तो क्या इसका भी परिणाम हमे भुगतना पड़ता है? ऋग्वेद – ...
ओ मेरे! हृदय सम्राट तेरे लिए तोड़ कर आई हूं जमाने से रिश्ते….एक तुझसे मोहब्बत का रिश्ता निभाने के लिए🙇🏻♀️आपका “प्यार” अगर भूलने लायक होता तो मेरे प्यारे इस...
आत्मा परमात्मा का ही अंश है अतः परमात्मा के सभी गुणों से आत्मा भी युक्त ही है। अंतर सिर्फ इतना है कि उस पर विकारों की मैल चढ़ी है...
हम परमात्मा का ही अंश हैं अतः हमारे भीतर भी वो सारे गुण और शक्तियां समाई हैं, जो परमात्मा में है। बस अंतर इतना है कि अज्ञानतावश हम भूल...
🟪🟦🟪🟦🟪🟦🟪🟦मैं कौन हूं?क्या तुम खुद को जानते हो खुद को पहचानते हो??तुने कभी खुद को खोजा हिमालय जैसे किसी ऊचेंपर्वत शृंखला पर या किसी अंधेरी कंद्रा मे समुद्र की...
प्रत्येक व्यक्ति इस बात से अपरिचित है कि मानुष-देह अत्यन्त कीमती है। यह बार बार नही मिलती। एक बार यह जन्म हाथ से निकल गया तो कोई चाहे कि...
🎊🎗️🎊🎗️🎊🎗️🎊🎗️समय गुज़रता जा रहा है। स्वांसों की पूंजी समाप्त होती जा रही है और इन्सान समझता है कि मैंने कुछ बना लिया, कुछ जमा कर लिया। वह समझता है...
रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद: रामकृष्ण जी ने अनेक सिद्धियाँ प्राप्त कीं। उन्होंने अपनी इंद्रियों को नियंत्रित किया और एक महान विचारक और उपदेशक के रूप में कई लोगों...
विचार ही कर्म के प्रेरक हैं। किसी वस्तु को प्राप्त करने की आकांक्षा उसकी पूर्ति की दिशा में अग्रसर होती है तो सर्व प्रथम विचार जगत में ही उसकी...
