• Aradhana Tiwari
  • March 19, 2024

Aatma Aur Parmatma Mein Kya Antar Hai?

आत्मा परमात्मा का अंतर आत्मा सांसारिक पीड़ा से आहत होती है, परमात्मा सर्व व्याप्त अलौकिक शक्ति है, जिसका सीधा संबंध सम्पूर्ण ब्रम्हांड से है, उसके दुख और सुख समस्त...
  • Aradhana Tiwari
  • March 19, 2024

Kounsa Gun Vyakti Ko Mahan Banata Hai?

ऐसे बहुत से महानता वाले सद्गुण हैं, जो व्यक्ती को बड़ा या महान बनातें हैं। ऐसे बहुत से सद्गुण है, जिससे व्यक्ती श्रेष्ठ दर्जें का, आदर्श व्यक्तित्व का बनता...
“ज्ञानदेव सांगे दृष्टांताची मात, साधूचे संगती तरणोपाय । सहा यानी छे। अपने भीतर से छे की छे, षड्विकार जिसने धो निकालें है, जो अपने निज स्वरूप में स्थापित हो...
  • Aradhana Tiwari
  • March 16, 2024

Dharm Aur Adhyatam Mein Kya Antar Hai?

धर्म साधन है, और अध्यात्म साध्य। “अध्यात्म” आध्यात्म का अर्थ आत्मा से होता है। अकेलेपन की अनुभूति अध्यात्म है।आत्मस्वभाव की अनुभूति, केवल अपने “स्व” की अनुभूति अध्यात्म है। अंतरिक...
बेशक हमारी जिंदगी कहीं रुकती नहीं है और समय हमेशा बदलता ही रहता है. इसलिये, हमें हमेशा अपना मानसिक संतुलन बनाये रखना चाहिए और अपने पूरे दिलो-दिमाग का इस्तेमाल...
ज़ी बिल्कुल! जीवन में कुछ भी अकारण नहीं होता। समस्त संसार में जो भी हों रहा है, इसके पीछे अनेकों कारण होते है। यहां जो भी होता है, सब...
  • Aradhana Tiwari
  • March 8, 2024

Hamari Atma Ka Nij Gun Kya Hai?

अनंत गुण है आत्मा के।आत्मा अनंत गुणों की ख़ान है।आत्मा अजर-अमर है।आत्मा चेतन स्वरूप है।आत्मा सनातनी है।जब कुछ भी नहीं था तब भी आत्मा थी, आत्मा अभी वर्तमान में...
तपस्या में या साधना में एकांतवास, अंतर्मुखता की अत्यंत आवश्यकता होती है।तपस्या में, ईश्वर प्राप्ति में जो भी चीजें बाधक हो उनका सर्वथा त्याग आवश्यक होता है।अच्छी तपस्या में...
आख़री जन्म मतलब मुक्ति की अवस्था।जो जीतें जी मुक्त होता है, जो जीवन मुक्त होता है, वहीं शरीर के मृत्यु के बाद मुक्त हो सकता है, उसी का आखिरी...
कुछ लोगों के जीवन में दुःख और तक़लिफे कुछ ज्यादा होती है, क्योंकि उन्होंने वैसे ही, दुःख और तक़लिफे पैदा करने वाले बीज बोये हुए होते हैं। कुछ लोग...