मेडिटेशन से, ज्ञानदान में मिले गुरुमंत्र को अजपा गायत्री जाप, या श्वासो का जाप अजपा-जाप जपने से हमारे शरीर के सातों चक्र संतुलित होते हैं। संतुलित सात्विक (सीधा नेचर...
निश्चित ही चुनौतियां व्यक्ति को दृढ़ बनाती हैं। अगर चुनौती ना हो तो जीवन में कोई रस भी नही रहेगा। जीवन की सभी उपलब्धियां कड़ी मेहनत से ही मिलती...
कर्मो के बोझ इतने अधिक हैं कि इनसे छुटकारा कैसे मिलेगा यह समझ नही आता, लेकिन ब्रह्मांड के पास हर सवाल का जवाब है और हर समस्या का समाधान...
अपने बुरे कर्मो को डिलीट करने के लिए उसके विपरित अच्छे कर्म करने चाहिए। अपने पाप कर्मों के लिए परमात्मा से माफी मांगनी चाहिए, और ऐसे पाप कर्म दुबारा...
ब्रह्मांड को धन्यवाद करने के लिए हृदय में कृतज्ञता का भाव होना चाहिए। हृदय से भाव ही परमात्मा को समर्पित होता है। प्रेम और समर्पण होना चाहिए और हृदय...
मोक्ष अर्थात् जीवन–मरण से मुक्त हो जाना। मोक्ष प्राप्ति का अर्थ है कि परमात्मा से अलग हुआ जीव फिर अपने उसी परमात्मा स्वरूप में लीन हो जाता है। जब...
✨✨✨✨✨✨✨✨बोलो जयकारा बोल मेरे श्री गुरु महाराज जी की जय✨✨✨✨✨✨✨✨सत्संग की बड़ी सीख है खुद को सुधारना। स्वयं सुधार, अपने आपकी कमियों को दूर करना। सत्संग की शिक्षा सीख...
सच्चा “धर्म” तो यह है कि आत्मा पर जो मोह माया की मैल का आवरण चढ़ चुका है, उसे नाम की कमाई से धोकर “आत्मा” को परमात्मा से मिलाना...
प्रेम क्या हैं, प्रेम कि परिभाषा क्या हैं यह जानने के लिए श्री राधे कृष्ण से बेहतर कोई नहीं कौन समझ सकते हैं…प्रेम संसार का सबसे पवित्र बंधन है…पर...
जहाँ पर सत्संगी अपने अवगुणों को देख कर सुधारने की कोशिश करता है और उसकी कोशिश ही उसे एक दिन गुरमुख बना देती है।हमारा खुद का सुधरना भी किसी...
