चिंता तो सत्तनाम की, और न चितवै दास।जो कछु चितवै नाम बिनु, सोइबकाल की फाँस।।यदि चिन्ता करनी है तो गुरु के नाम की चिन्ता करे, जिससे मुक्ति मिलती है।...
आप सभी को रक्षाबंधन पर्व की ढेरों प्यारी भारी शुभकामनाएं 🙏भाई–बहन का ये पवित्र रिश्ता जो हमारे सनातन धर्म में है और कहीं नहीं है। हर रिश्ते को परमात्मा...
✴️💥✴️💥✴️💥✴️💥जैसे सेब को यदि काटकर देखें तो उसमें से अक्सर तीन बीज निकलते हैं। और एक बीज से एक पेड़, एक पेड़ से अनेक सेब, अनेक सेबों में फिर...
‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने से पर्यावरण में पांच तत्वों का सामंजस्य स्थापित होता है। हर रोज़ इसका जाप करने से सभी 5 तत्वों में शांति, प्रेम और...
हमारे मन में यह स्वाभाविक प्रश्न उठता है कि यदि हमने कोई गलत कर्म किया नही, बस सोंचा है तो क्या इसका भी परिणाम हमे भुगतना पड़ता है? ऋग्वेद – ...
ओ मेरे! हृदय सम्राट तेरे लिए तोड़ कर आई हूं जमाने से रिश्ते….एक तुझसे मोहब्बत का रिश्ता निभाने के लिए🙇🏻♀️आपका “प्यार” अगर भूलने लायक होता तो मेरे प्यारे इस...
आत्मा परमात्मा का ही अंश है अतः परमात्मा के सभी गुणों से आत्मा भी युक्त ही है। अंतर सिर्फ इतना है कि उस पर विकारों की मैल चढ़ी है...
हम परमात्मा का ही अंश हैं अतः हमारे भीतर भी वो सारे गुण और शक्तियां समाई हैं, जो परमात्मा में है। बस अंतर इतना है कि अज्ञानतावश हम भूल...
🟪🟦🟪🟦🟪🟦🟪🟦मैं कौन हूं?क्या तुम खुद को जानते हो खुद को पहचानते हो??तुने कभी खुद को खोजा हिमालय जैसे किसी ऊचेंपर्वत शृंखला पर या किसी अंधेरी कंद्रा मे समुद्र की...
